Ranchi: World Economic Forum (WEF) के मंच पर झारखंड को 1 लाख 24 हजार 230 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों से इस्पात, ऊर्जा, विनिर्माण और अवसंरचना क्षेत्रों में लगभग 45 हजार रोजगार सृजित होने की संभावना जताई गई है। राज्य सरकार का दावा है कि यह निवेश राज्य की औद्योगिक प्रगति को नई गति देगा।
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में PMEGP योजना के तहत 5,000–6,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। वहीं, विभिन्न औद्योगिक नीतियों के जरिए 20 हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे करीब 15 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
तसर उत्पादन में अव्वल झारखंड
तसर रेशम उत्पादन में झारखंड देश में प्रथम स्थान पर कायम है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,800 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 1,125 मीट्रिक टन रॉ तसर का उत्पादन हो चुका है। वर्ष 2026-27 के लिए पुनः 1,800 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कुटीर उद्योगों के विकास के लिए राज्य में प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।
ATI का नया भवन जुलाई 2026 तक
रांची स्थित श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान (ATI) का नया भवन 155 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत से बन रहा है, जिसे जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। भवन निर्माण विभाग के लिए वर्ष 2026-27 में 894 करोड़ 31 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है।
शहरी विकास में रफ्तार
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 2,11,010 आवास स्वीकृत हैं। इनमें से 1,42,333 आवास पूरे हो चुके हैं, जबकि 51,638 आवास निर्माणाधीन हैं।
रामगढ़ में 310 करोड़ रुपये की लागत से 40 MLD एसटीपी, धनबाद में 858 करोड़ रुपये की लागत से 192 MLD एसटीपी और फुसरो में 14 MLD एसटीपी परियोजना पर कार्य चल रहा है।
वर्ष 2026-27 में नगर विकास एवं आवास विभाग के लिए 3,919 करोड़ 40 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है।
पर्यटन और खेल को बढ़ावा
रांची के दशम और जोन्हा जलप्रपात में ग्लास ब्रिज, हुंडरू में रोपवे, पतरातु में स्काइवॉक और सोलर बोट जैसी परियोजनाएं शुरू होंगी।
आईटीडीसीएल और सीसीएल के बीच खनन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए समझौता हुआ है।
राज्य में 41 आवासीय और 102 डे-बोर्डिंग क्रीड़ा प्रशिक्षण केंद्र संचालित हैं। रांची के बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम के उन्नयन और दुमका में सिंथेटिक ट्रैक की स्वीकृति दी गई है।
ई-गवर्नेंस और आपदा प्रबंधन
ई-गवर्नेंस परियोजनाओं के लिए 174 करोड़ 95 लाख रुपये और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के लिए 328 करोड़ 99 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है।
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग को 11,038 करोड़ 53 लाख रुपये का बजट देने का प्रस्ताव है, जिसमें राज्य आपदा मोचन निधि के लिए 720 करोड़ और आपदा शमन निधि के लिए 180 करोड़ रुपये शामिल हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि इन निवेश और विकास योजनाओं से झारखंड में आधारभूत संरचना मजबूत होगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।