रांची: नगर निगम चुनाव के परिणाम आने के बाद अब शहर की राजनीति का फोकस डिप्टी मेयर पद पर टिक गया है। भाजपा, कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) तीनों ही दल इस पद पर कब्जा जमाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। सभी पार्टियां अपने-अपने समर्थक पार्षदों की संख्या का आकलन करने और राजनीतिक समीकरण साधने में जुटी हुई हैं।
भाजपा सबसे ज्यादा उत्साहित
डिप्टी मेयर पद को लेकर भाजपा सबसे ज्यादा उत्साहित दिखाई दे रही है। पार्टी नेताओं का दावा है कि निगम में करीब दो दर्जन पार्षद भाजपा से जुड़े हुए हैं, ऐसे में इस पद पर उनका स्वाभाविक दावा बनता है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि समर्थक पार्षदों की संख्या के आधार पर पार्टी खुद को मजबूत स्थिति में मान रही है।
कांग्रेस ने भी बढ़ाई सक्रियता
दूसरी ओर कांग्रेस भी अपनी दावेदारी को लेकर सक्रिय हो गई है। कांग्रेस नेता राजेश गुप्ता छोटू ने बताया कि वार्ड 18 की पार्षद आशा देवी ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल की है। वे पार्टी नेतृत्व से बातचीत कर डिप्टी मेयर पद के लिए आशा देवी के नाम की दावेदारी पेश करेंगे। आशा देवी कांग्रेस से जुड़ी हुई हैं और राजेश गुप्ता छोटू की बड़ी बहन भी हैं।
JMM नई रणनीति पर विचार में
झारखंड मुक्ति मोर्चा भी इस पद को लेकर अपनी रणनीति बनाने में जुटा है। पार्टी के संभावित दावेदार सोमवित मांझी चुनाव हार चुके हैं। ऐसे में अब पार्टी किसी अल्पसंख्यक चेहरे को उम्मीदवार बनाने के विकल्प पर विचार कर रही है। फिलहाल झामुमो नेतृत्व के निर्देश का इंतजार किया जा रहा है।
भाजपा में कई नामों पर मंथन
भाजपा की ओर से प्रदेश नेतृत्व ने भी इस मुद्दे पर दिलचस्पी दिखाई है और भाजपा समर्थित पार्षदों की सूची मांगी है। साथ ही यह भी जानकारी ली जा रही है कि संबंधित पार्षद कितने समय से पार्टी से जुड़े हैं, उनका अनुभव क्या है और भविष्य में पार्टी के लिए उनका योगदान कितना अहम हो सकता है।
भाजपा सूत्रों के अनुसार वार्ड 1 के पार्षद नकुल तिर्की, वार्ड 21 के सुनील यादव, वार्ड 28 की रश्मि चौधरी, वार्ड 26 के प्रदीप कुमार और वार्ड 40 की पार्षद सुचिता रानी रॉय के नामों पर चर्चा चल रही है। इन सभी पार्षदों को चुनाव जीतने का अच्छा अनुभव है।
वरिष्ठ नेताओं की राय भी होगी अहम
इन नामों पर अंतिम निर्णय लेने से पहले रांची विधायक सीपी सिंह, हटिया विधायक नवीन जायसवाल और रांची सांसद सह केंद्रीय मंत्री संजय सेठ की राय भी ली जा सकती है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि इस बार कई पुराने चेहरे चुनाव नहीं जीत पाए हैं, इसलिए किसी नए चेहरे को मौका दिया जा सकता है।
होली के बाद हो सकता है फैसला
फिलहाल डिप्टी मेयर पद को लेकर सभी दलों में मंथन जारी है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि होली के बाद इस पद को लेकर अंतिम फैसला सामने आ सकता है।