Hazaribagh: पवित्र महीने रमजान के 30 रोज़े पूरे होने के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार शनिवार को हज़ारीबाग़ समेत पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में त्योहार की रौनक देखने को मिली।
शहर की विभिन्न मस्जिदों में अकीदतमंदों ने ईद की नमाज़ अदा की। जामा मस्जिद हज़ारीबाग़ में पहली जमात सुबह 8 बजे अदा की गई, जबकि अन्य मस्जिदों में भी तय समय पर नमाज़ का आयोजन हुआ। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और भाईचारे का संदेश दिया।
ईद के मौके पर लोगों ने पारंपरिक परिधानों—कुर्ता-पायजामा, शेरवानी, पठानी और खान सूट पहनकर मस्जिदों में शिरकत की। खासकर बच्चों में ईद का उत्साह देखते ही बन रहा था, जो नए कपड़ों और खुशियों के साथ पूरे माहौल को जीवंत बना रहे थे।
त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन की ओर से कड़े इंतज़ाम किए गए थे। मस्जिदों के आसपास पुलिस बल और आरएएफ की तैनाती रही, वहीं ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की गई, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
सामाजिक कार्यकर्ता इरफ़ान अहमद उर्फ काजू ने कहा कि ईद आपसी प्रेम, भाईचारे और एकता का पर्व है, जो समाज में सद्भाव और शांति का संदेश देता है।