Ranchi: Jharkhand सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग का बजट घोषित करते हुए आंतरिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। कुल 11,038.53 करोड़ रुपये के प्रस्तावित बजट में जेलों के आधुनिकीकरण, ट्रैफिक प्रबंधन, उग्रवाद प्रभावित इलाकों के विकास और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने पर विशेष फोकस किया गया है।
जेलों में 5G जैमर और मोबाइल डिटेक्टर की स्थापना
राज्य की विभिन्न जेलों में अब 5G सेल फोन जैमर और मोबाइल डिटेक्टर लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य जेल के अंदर से संचालित हो रहे आपराधिक नेटवर्क पर पूरी तरह रोक लगाना है। सरकार का मानना है कि तकनीकी निगरानी से जेल सुरक्षा में बड़ा सुधार आएगा और अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
यातायात व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
बढ़ते शहरीकरण और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए 2026-27 में राज्य के प्रमुख शहरों में नए यातायात थानों की स्थापना की जाएगी। इससे ट्रैफिक प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।
उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर जोर
वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ रणनीतिक कार्रवाई के तहत केंद्र सरकार से विशेष केंद्रीय सहायता के रूप में लगभग 60 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है। यह राशि पश्चिमी सिंहभूम (डिस्ट्रिक्ट ऑफ कंसर्न) तथा ‘लिगेसी एंड थ्रस्ट’ जिलों — बोकारो, चतरा और लातेहार — में विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी। सरकार का लक्ष्य विकास के जरिए इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़कर उग्रवाद मुक्त बनाना है।
अफीम की खेती पर दोहरी रणनीति
नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए सरकार दंडात्मक कार्रवाई के साथ सुधारात्मक कदम भी उठा रही है। अफीम उत्पादक जिलों में अवैध खेती नष्ट करने के साथ किसानों को वैकल्पिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि उन्हें सम्मानजनक आजीविका के अवसर मिल सकें।
आपदा प्रबंधन को 900 करोड़ का प्रावधान
प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राज्य सरकार ने 900 करोड़ रुपये का सुरक्षा कवच तैयार किया है। राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) के लिए 720 करोड़ और राज्य आपदा शमन निधि (SDMF) के लिए 180 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
सरकार का यह बजट प्रस्ताव साफ संकेत देता है कि सुरक्षा, तकनीक और विकास के संतुलन के साथ राज्य को अधिक सुरक्षित और सक्षम बनाने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है।