Barsana (U.P): ब्रजभूमि आज आस्था, परंपरा और उल्लास के रंग में सराबोर होने जा रही है। राधारानी की नगरी बरसाना में आज विश्वप्रसिद्ध लट्ठमार होली का आयोजन किया जाएगा। होली को हिंदू धर्म में प्रेम, भक्ति और आनंद के महापर्व के रूप में मनाया जाता है। जहां देशभर में यह त्योहार फाल्गुन पूर्णिमा को मनाया जाता है, वहीं ब्रजमंडल में बसंत पंचमी से ही होली उत्सव की शुरुआत हो जाती है, जो करीब 40 दिनों तक चलता है।
लाडलीजी मंदिर में लड्डू होली
बरसाना स्थित प्रसिद्ध Ladli Ji Temple में आज शाम लड्डू होली का भव्य आयोजन होगा। सेवायत पांडे समाज द्वारा पारंपरिक होली गीतों का गायन किया जाएगा और श्रद्धालुओं पर अबीर-गुलाल के साथ लड्डू बरसाए जाएंगे। प्राकृतिक रंगों से खेली जाने वाली इस होली को देखने देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
राधा सखी का नंदगांव निमंत्रण
परंपरा के अनुसार सुबह राधा सखी रथ पर सवार होकर ढोल-ताशों और जयकारों के साथ नंदगांव जाएंगी। वहां स्थित नंदबाबा मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण को होली खेलने का निमंत्रण दिया जाएगा। यह अनूठी परंपरा ब्रज की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है।
लट्ठमार होली की अनोखी परंपरा
बरसाना और नंदगांव की लट्ठमार होली अपनी विशेष शैली के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस दिन नंदगांव के पुरुष बरसाना पहुंचते हैं, जहां महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में घूंघट ओढ़कर प्रतीकात्मक रूप से लट्ठ चलाती हैं और पुरुष ढाल से बचाव करते हैं।
भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों की गूंज और “राधे-राधे” के जयकारों से पूरा ब्रज क्षेत्र भक्तिमय हो उठता है। यह उत्सव केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम और भक्ति की जीवंत अभिव्यक्ति है, जो हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करती है।