Ranchi: झारखंड सरकार ने उग्रवाद छोड़कर मुख्यधारा में लौटे लोगों के पुनर्वास के लिए बड़ा कदम उठाया है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से आत्मसमर्पण कर चुके वामपंथी उग्रवादियों के लिए 1 करोड़ रुपये का विशेष “रीस्टार्ट पैकेज” जारी किया गया है। सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि इन लोगों को स्थायी रूप से समाज से जोड़कर नई जिंदगी की राह पर आगे बढ़ाना है।
इस योजना के तहत लातेहार को 34.05 लाख, गिरिडीह को 31.98 लाख, पश्चिमी सिंहभूम को 24 लाख और बोकारो को 10.80 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। पश्चिमी सिंहभूम में 12 पूर्व उग्रवादियों को पुनर्वास अनुदान की दूसरी और तीसरी किस्त भी जारी की गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि सरकार दीर्घकालिक पुनर्वास नीति पर काम कर रही है।
पैकेज के तहत इनामी उग्रवादियों को घोषित इनाम की राशि दी जा रही है, वहीं हथियार सरेंडर करने पर अधिकतम 1 लाख रुपये तक का प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। इसके साथ शिक्षा और रोजगार को विशेष प्राथमिकता दी गई है। गिरिडीह में लाभुकों को पढ़ाई के लिए 40 हजार रुपये और व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए 72 हजार रुपये तक की सहायता मिल रही है, ताकि वे कौशल सीखकर आत्मनिर्भर बन सकें। वहीं बोकारो में मकान किराया और सामूहिक जीवन बीमा जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने निर्देश दिया है कि पूरी प्रक्रिया झारखंड कोषागार संहिता 2016 के तहत पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए। जिला उपायुक्तों को लाभुकों की सही पहचान सुनिश्चित करने और राशि के दुरुपयोग को रोकने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार का मानना है कि इस तरह की पहल न सिर्फ उग्रवाद को कमजोर करेगी, बल्कि राज्य में शांति, सुरक्षा और विकास को भी नई मजबूती देगी।