Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में शिक्षा, रोजगार और पेयजल से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए।
सबसे पहले विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने अनुदानित स्कूलों में संचालित सावित्रीबाई फुले योजना का लाभ कॉलेज स्तर की छात्राओं को भी देने की मांग उठाई। इस पर मंत्री चमरा लिंडा ने स्पष्ट किया कि वर्तमान संकल्प में कॉलेजों का उल्लेख नहीं है। हालांकि उन्होंने आश्वस्त किया कि अगली कैबिनेट बैठक में 11वीं और 12वीं के साथ कॉलेज की छात्राओं को भी योजना से जोड़ने का प्रस्ताव लाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि अगले दो से तीन महीनों में प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 6.51 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 4.56 लाख छात्राओं को भुगतान किया जा चुका है। मार्च तक सभी स्वीकृत आवेदनों का भुगतान कर दिया जाएगा। अनुमान है कि करीब नौ लाख बच्चियों को इस योजना का लाभ मिलेगा। यह योजना समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले के नाम पर संचालित है।
JPSC कट-ऑफ डेट पर सदन में हंगामा
वहीं, विधायक प्रदीप यादव ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा की कट-ऑफ तिथि 2018 निर्धारित किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से हजारों अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित हो सकते हैं और सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि पिछली कैबिनेट बैठक में इस विषय पर गंभीर चर्चा हुई है और मुख्यमंत्री भी मामले को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जो अभ्यर्थी सुप्रीम कोर्ट नहीं गए हैं, उन्हें भी प्रक्रिया में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
इसके अलावा विधायक सुरेश पासवान ने पुनासी जलाशय से पानी आपूर्ति शुरू करने की मांग भी सदन में उठाई। बजट सत्र के दूसरे दिन विभिन्न जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश विपक्ष द्वारा लगातार की गई।