Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सिंचाई और राशन व्यवस्था को लेकर सदन में विस्तृत चर्चा हुई। सरकार ने सिंचाई योजनाओं के विस्तार और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को मजबूत बनाने का दावा किया।
विधायक जयराम महतो के सवाल के जवाब में मंत्री हफीजुल अंसारी ने बताया कि राज्य में 105 छोटी-बड़ी सिंचाई योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं और 3386 चेक डैम का निर्माण कराया गया है। वर्तमान में 5,86,480 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि पहले नहर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण बड़ी बाधा होती थी, लेकिन अब यूजीपीएल सिस्टम के माध्यम से इस समस्या का समाधान किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029-30 तक 4,43,840 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ना है।
सुदूर इलाकों में बायोमेट्रिक समस्या का मुद्दा
वहीं, विधायक हेमलाल मुर्मू ने सुदूर क्षेत्रों में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों की कमी और बायोमेट्रिक सिस्टम के सही ढंग से काम नहीं करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि तकनीकी दिक्कतों के कारण उपभोक्ताओं को राशन लेने में परेशानी हो रही है।
इस पर मंत्री इरफान अंसारी ने जवाब देते हुए कहा कि प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों की कमी को दूर कर लिया गया है। टू-जी मशीनों की जगह फोर-जी मशीनें सभी पीडीएस दुकानदारों को उपलब्ध करा दी गई हैं। राज्य में करीब 40 हजार पीडीएस दुकानें संचालित हैं, जिनकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है और पीडीएस व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है।