बोकारो बीसीसीएल के बरोरा प्रक्षेत्र के दामोदा कोलियरी के उत्खनन परियोजना के काम काज को सिजुआ मौजा के रैयतों के एक गुट ने ठप किया। रैयतों के इस आंदोलन से कंपनी को करीब 480 मैट्रिक टन कोयला उत्पादन बाधित हुआ। बुधबार को दोपहर12बजे सिजुआ मौजा के जेएमएम नेता सह रैयत राजकुमार महतो के नेतृत्व में रैयत उत्खनन परियोजना में पहुँचकर कोयला के उत्खनन कार्य को बंद कराकर धरना प्रदर्शन करने लगे। जिससे उत्खनन परियोजना से कोयले का खनन और सम्प्रेषण कार्य पूर्ण रूप से बंद हो गया।बताते चलें कि सिजुआ मौजा के विस्थापित और प्रभावित लोगों का एक गुट ने दामोदा कोलियरी के घुटवे कोल डंप से लोकल सेल शुरू कराने के लिए आंदोलन किया था।कोलियरी के डिस्पेच विभाग ने लोकल सेल का काम प्रारंभ कराया। घुटवे स्थित कोल डंप में स्टीम कोयला लेने के लिए ट्रक आयी और विस्थापित रैयतों के एक गुट के कोयला उत्पादन के कामकाज को बंद करा दिया। कोलियरी के डिस्पेच अधिकारी रूपक महतो ने बताया कि कोलियरी के डिस्पेच विभाग को आठ सौ66 मैट्रिक टन स्टीम कोयले के उठाव का निविदा मिला है। एक सौ मैट्रिक टन कोयले के उठाव का अंतिम दिन है।कोयला उठाव नही होने से कंपनी को काफी क्षति होगी।विस्थापित रैयत सह जेएमएम नेताराजकुमार महतो ने बताया कि बी सी सी एल द्वारा रैयतों के जमीन से कोयला निकाल रहा है लेकिन विस्थापित रैयतों को उससे कोई लाभ नही मिल रहा है।प्रबंधन ने जो वादा किया उसे कभी पूरा नही किया।रैयतों को उनका हक और अधिकार नही मिलेगा तो आंदोलन जारी रहेगा।वही कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी विजय कुमार सिंह ने बताया कि रैयतों के अलग अलग गुट के आंदोलन से कोलियरी का उत्पादन प्रभावित हो रहा है।रैयतों के आंदोलन से करीब480 मैट्रिक टन कोयला उत्पादन प्रभावित हुआ है।महाप्रबंधक स्तर पर रैयतों के साथ वार्ता होगी।आंदोलन में काली चरण महतो, छक्कन महतो, बड़ा पूरन महतो ,अशोक महतो लगन महतो समेत कई अन्य रैयत उपस्थित थे। समाचार लिखें जाने तक रैयतों का आंदोलन जारी है।