रांची: झारखंड में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य पुलिस अब तकनीकी रूप से और मजबूत होने जा रही है। इसी दिशा में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने राज्य के सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को पत्र जारी कर साइबर जांच से जुड़ा विशेष ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा विकसित C5 सॉफ्टवेयर के उपयोग में दक्ष बनाना है। इस सॉफ्टवेयर के जरिए पुलिस संदिग्धों की लोकेशन और उनके नेटवर्क गतिविधियों का विश्लेषण कर सकेगी। साथ ही चोरी हुए या अपराध में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन के IMEI नंबर को ब्लॉक कर उनके दुरुपयोग को भी रोका जा सकेगा।
निर्देश के अनुसार, प्रत्येक जिले से साइबर या तकनीकी कार्यों में दक्ष दो पुलिस कर्मियों को इस प्रशिक्षण के लिए नामित किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद चयनित कर्मियों को C5 सॉफ्टवेयर के उपयोग के लिए आधिकारिक लाइसेंस भी प्रदान किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस नई तकनीक और प्रशिक्षण से साइबर अपराधियों पर लगाम कसने में काफी मदद मिलेगी और जांच प्रक्रिया पहले से अधिक प्रभावी और तेज हो सकेगी।