हजारीबाग: विष्णुगढ़ में 12 वर्षीय दलित बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और निर्मम हत्या के मामले ने पूरे झारखंड को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य घटना को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
घटना के बाद पूरे राज्य में आक्रोश का माहौल है और लोग न्याय की मांग को लेकर आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। वहीं, इस मामले में अब तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आने पर विपक्ष और समाज के विभिन्न वर्गों में नाराजगी देखी जा रही है।
आलोचकों का कहना है कि मुख्यमंत्री Hemant Soren और कल्पना सोरेन की चुप्पी इस संवेदनशील मामले में चिंता बढ़ाने वाली है। लोगों का मानना है कि सरकार को ऐसे मामलों में तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए।
मामले को लेकर मांग की जा रही है कि दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो, फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, और पीड़ित परिवार को न्याय सुनिश्चित किया जाए।
इस घटना ने एक बार फिर राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर बहस छेड़ दी है और जनता में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।