Ranchi: झारखंड में नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में पुलिस महकमे को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। राज्य सरकार ने सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को निर्देश जारी कर अनुसंधानकर्ताओं (आईओ) के लिए मोबाइल फोन खरीदने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले यह कदम उठाने पर जोर दिया गया है।
डिजिटल साक्ष्य संकलन पर फोकस
एक जुलाई 2024 से लागू Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita के तहत घटनास्थल की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी अनिवार्य कर दी गई है। ऐसे में साक्ष्यों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में सुरक्षित रखने और समय पर अपलोड करने के लिए जांच अधिकारियों को आधुनिक स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जाएंगे।
सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक अनुसंधानकर्ता अधिकतम 25 हजार रुपये तक का स्मार्टफोन खरीद सकता है। यदि मोबाइल की कीमत इससे अधिक होती है, तो अतिरिक्त राशि संबंधित अधिकारी को स्वयं वहन करनी होगी। वहीं, कम कीमत होने पर वास्तविक बिल के आधार पर भुगतान किया जाएगा।
इसके अलावा, डिजिटल साक्ष्यों को अपलोड और साझा करने के लिए प्रति माह 500 रुपये तक का डेटा रिचार्ज कूपन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
बजट सरेंडर होने पर तय होगी जिम्मेदारी
जिलों के एसएसपी-एसपी को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर मोबाइल खरीदकर बिल लेखा शाखा में जमा कराएं। यदि समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई और बजट सरेंडर करना पड़ा, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की मानी जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस पहल से जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, प्रभावी और तकनीक आधारित बनेगी, जिससे अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार होगा।