रांचीः ‘अबुआ राज’ के संकल्प को जमीनी हकीकत में बदलते हुए हेमंत सरकार ने कई ऐसे महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जो सिर्फ लोक-लुभावन नहीं बल्कि राज्य के समग्र विकास की ठोस आधारशिला साबित हो रहे हैं। शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और उद्योग को केंद्र में रखकर लिए गए इन निर्णयों ने झारखंड को “विकसित झारखंड 2050” के लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़ाया है।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में ‘मईयां सम्मान योजना’ का विस्तार एक बड़ा कदम रहा। 2025 की शुरुआत में ही इस योजना के तहत दी जाने वाली राशि को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया गया। 18 से 50 वर्ष की महिलाओं के खातों में सीधे पहुंचने वाली इस सहायता राशि ने न सिर्फ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी नई ऊर्जा का संचार किया।
महंगाई से राहत देने के उद्देश्य से 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को पूरी तरह लागू किया गया। इस फैसले से राज्य के करीब 40 लाख परिवारों को सीधा लाभ मिला और उनका बिजली बिल शून्य हो गया, जो गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत है।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए झारखंड कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक, 2025 लागू किया गया। इस कानून के जरिए कोचिंग संस्थानों की मनमानी फीस और अनियमितताओं पर रोक लगी, जिससे छात्रों को शोषण से राहत मिली।
खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के लिए विस्थापन और पुनर्वास आयोग का गठन किया गया। यह आयोग विस्थापित परिवारों के आवास, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की निगरानी कर विकास को मानवीय स्वरूप देने का काम कर रहा है।
इसके साथ ही पेसा नियमावली को सुदृढ़ करते हुए ग्राम सभाओं को लघु वनोपज, जल संसाधन और स्थानीय योजनाओं के प्रबंधन का अधिकार दिया गया। इससे आदिवासी समुदायों के जल-जंगल-जमीन पर अधिकार को मजबूती मिली है।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने 2026 में 70,000 शिक्षकों की नियुक्ति का लक्ष्य रखा है। यह कदम राज्य में शिक्षकों की कमी को दूर कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में एमएसएमई (विशेष छूट) विधेयक, 2025 लागू किया गया, जिससे नए उद्योगों की स्थापना आसान हुई और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े।
उच्च शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्टूडेंट रिसर्च एंड इनोवेशन पॉलिसी, 2025 लागू की गई। साथ ही स्किल और फिनटेक यूनिवर्सिटी की स्थापना का निर्णय लिया गया, ताकि युवाओं को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके।
कृषि क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा निवेश किया है। 2025-26 में 1200 तालाबों के गहरीकरण के लिए 204.40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी और किसान साल में तीन फसलें ले सकेंगे।
वहीं, एससी-एसटी और पिछड़े वर्ग के छात्रों को सिविल सेवा की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करने हेतु सहायता राशि को 1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दिया गया है, जिससे राज्य के युवाओं को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी में बड़ी मदद मिलेगी।
इन सभी फैसलों के जरिए हेमंत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका फोकस सिर्फ घोषणाओं पर नहीं, बल्कि ठोस नीतियों के माध्यम से झारखंड को विकसित राज्य बनाने पर जोर दिया जा रहा है।