Ranchi: Jharkhand High Court ने Birla Institute of Technology Mesra के छात्र राजा पासवान की हत्या से जुड़े मामले में अहम आदेश जारी किया है। अदालत ने इस प्रकरण में आरोपित छात्र निपुन तिर्की को सशर्त जमानत दे दी है, साथ ही कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणी करते हुए उसे लापरवाह करार दिया है।
मामले की सुनवाई न्यायाधीश Sanjay Prasad की अदालत में हुई। निपुन तिर्की 23 नवंबर से न्यायिक हिरासत में था। कोर्ट ने उसे 15 हजार रुपये के दो निजी मुचलकों पर रिहा करने का निर्देश दिया। हालांकि, अन्य सह-आरोपितों – मौसम कुमार सिंह, साहिल अंसारी, इरफान अंसारी और अभिषेक कुमार – की जमानत याचिका पूर्व में ही खारिज की जा चुकी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सख्ती, एसओपी बनाने का निर्देश
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को संस्थान परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए विस्तृत एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार करने का निर्देश दिया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने छात्र के परिजनों को सही जानकारी नहीं दी। उन्हें बताया गया कि छात्र ने अत्यधिक शराब का सेवन किया था, जबकि वास्तविकता यह थी कि वह दो बार हमले का शिकार हुआ था। अदालत ने टिप्पणी की कि यदि समय रहते बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती, तो संभव है कि छात्र की जान बचाई जा सकती थी।
परिजनों को 5 लाख रुपये अंतरिम मुआवजा
कोर्ट ने रांची उपायुक्त को निर्देश दिया है कि छात्र के माता-पिता को अंतरिम राहत के रूप में पांच लाख रुपये तत्काल प्रदान किए जाएं। अदालत ने इसे प्रशासनिक लापरवाही के मद्देनजर आवश्यक कदम बताया है।