Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में उम्र सीमा को लेकर दायर याचिकाओं पर झारखंड उच्च न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया है कि जिन अभ्यर्थियों ने उम्र सीमा में छूट की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, उन्हें ऑफलाइन आवेदन पत्र भरने की अनुमति दी जाए।
दरअसल, 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए अधिकतम आयु सीमा की गणना 1 अगस्त 2026 को आधार मानकर तय की गई थी। इस कट-ऑफ डेट के कारण कई अभ्यर्थी पात्रता से बाहर हो गए थे। प्रभावित अभ्यर्थियों ने इसे अनुचित बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की और उम्र सीमा में राहत की मांग की।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने कहा कि जेपीएससी की अनियमितताओं और परीक्षाओं में देरी का खामियाजा अभ्यर्थियों को नहीं भुगतना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं को परीक्षा प्रक्रिया से वंचित करना न्यायोचित नहीं होगा।
कोर्ट के इस आदेश से 200 से अधिक अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। अब वे 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। आयोग को निर्देश दिया गया है कि संबंधित अभ्यर्थियों के ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएं, ताकि वे आगामी परीक्षा में भाग ले सकें।
हाईकोर्ट के इस फैसले को अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से परीक्षा में देरी और अनियमितताओं को लेकर सवाल उठते रहे है।