Khunti: झारखंड पुलिस को नक्सल मोर्चे पर एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (PLFI) का एरिया कमांडर और 1 लाख रुपये का इनामी नक्सली हाबिल मुंडू उर्फ प्रफुल्ल मुंडू (30 वर्ष) ने बुधवार को खूंटी पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
हाबिल मुंडू ने झारखंड सरकार की सरेंडर पॉलिसी "नई दिशा" के तहत हथियार और कारतूस के साथ आत्मसमर्पण किया। उसके पास से तीन पिस्टल, 13 जिंदा कारतूस और दो वॉकी-टॉकी बरामद किए गए हैं।
दशकभर से नक्सली गतिविधियों में था सक्रिय
प्रेस वार्ता में खूंटी के पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो ने बताया कि हाबिल मुंडू पिछले एक दशक से अधिक समय से नक्सली गतिविधियों में शामिल रहा है। वह संगठन में एरिया कमांडर के पद तक पहुंच चुका था और जंगलों में हथियार चलाने का प्रशिक्षण लेकर कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दे चुका है।
उसके खिलाफ खूंटी, मुरहू, तोरपा और कर्रा थाना क्षेत्रों में दर्जनों गंभीर मामले दर्ज हैं।
जेल से छूटकर फिर बना उग्रवादी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2016 में गिरफ्तारी के बाद वह करीब 7 वर्षों तक जेल में रहा।
हालांकि, 2023 में जेल से छूटने के बाद वह फिर से उग्रवादी नेटवर्क से जुड़ गया और मोबाइल ऐप के जरिए अपने साथियों से संपर्क कर लेवी वसूली, फायरिंग और दहशत फैलाने की गतिविधियों में सक्रिय हो गया।
लेवी के लिए फायरिंग और ऑनलाइन वसूली
दिसंबर 2025 में खूंटी थाना क्षेत्र के दुगडुगिया गांव में ठेकेदार से लेवी वसूली के लिए फायरिंग की घटना में उसकी संलिप्तता सामने आई।
उग्रवादियों ने पर्चा फेंककर दहशत फैलायी और फोन-पे के जरिए 15 हजार रुपये वसूले, जबकि बाकी रकम की मांग जारी थी।
2013 से 2016 तक अपराधों की लंबी सूची
पुलिस के अनुसार, हाबिल मुंडू का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है—
2013: सड़क निर्माण कार्य में लगे लोगों पर हमला, हथियार के साथ गिरफ्तारी
2014: मोटरसाइकिल छीनने और हथियार छिपाने का मामला
2015: रंगदारी, फसल नष्ट करना, पिस्तौल दिखाकर धमकी और लूट
जनवरी 2016: बैंक कर्मी से लूट
2016: मुरहू क्षेत्र में निर्माण कार्य से जुड़े व्यक्ति की हत्या
फरवरी–मार्च 2016 के दौरान उसने पेट्रोल पंप डकैती की योजना, लेवी वसूली और बड़ी साजिशों में भी भाग लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हथियार और गोलियों के साथ गिरफ्तार किया था।
2024–2025 में भी जारी रहा आतंक
जुलाई 2024: वाहन दुर्घटना मामले में नाम सामने आया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत
अगस्त 2025: लूट की योजना बनाते समय पुलिस कार्रवाई में उसके सहयोगी हथियारों के साथ पकड़े गए
पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि
हाबिल मुंडू का आत्मसमर्पण खूंटी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि इससे क्षेत्र में नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा और अन्य उग्रवादियों को भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरणा मिलेगी।