Ranchi/Dhanbad: झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान अब अपराध की दुनिया में नई डिजिटल चालें चल रहा है। पुलिस से बचने के लिए उसने पारंपरिक तरीकों को छोड़कर सोशल मीडिया का सहारा लिया है। हालिया जांच में खुलासा हुआ है कि वह पाकिस्तान में छिपकर लड़कियों के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर अपने गुर्गों से संपर्क साध रहा है।
पुलिस के मुताबिक, “रेशमा परवीन” नाम की एक इंस्टाग्राम आईडी के जरिए गिरोह का संचालन किया जा रहा है। इस प्रोफाइल में लड़की की तस्वीर और पहचान का इस्तेमाल किया गया है, ताकि यह शक के दायरे से बाहर रहे। आमतौर पर सर्विलांस टीम संदिग्ध पुरुष नामों और नंबरों पर नजर रखती है, ऐसे में इस तरह की आईडी शुरुआती जांच से बच निकलती हैं।
इन फर्जी अकाउंट्स के जरिए गिरोह के सदस्य आपस में कोडवर्ड में बातचीत करते हैं, जिसमें हथियारों की सप्लाई, रंगदारी वसूली और ठिकानों की जानकारी साझा की जाती है।
भले ही प्रिंस खान विदेश में छिपा हो, लेकिन उसका नेटवर्क रांची और धनबाद में अब भी सक्रिय है। हाल के दिनों में कई कारोबारियों और प्रभावशाली लोगों को रंगदारी के लिए धमकियां दी गई हैं। मांग पूरी नहीं होने पर फायरिंग की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे इलाके में भय का माहौल है।
इधर, पुलिस ने भी इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। हाल ही में हुई मुठभेड़ में गिरोह के चार गुर्गों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से दो अपराधी गोली लगने से घायल हुए हैं।
साथ ही, पुलिस अब उन सभी संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच कर रही है, जो “रेशमा परवीन” जैसी आईडी के संपर्क में थे। साइबर सेल की मदद से डिजिटल सुराग खंगाले जा रहे हैं, ताकि गिरोह के बाकी सदस्यों और स्लीपर सेल का पता लगाया जा सके।