Ranchi: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन करने के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस फैसले को लेकर अब झारखंड के नेताओं की भी प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। कई विधायकों ने इस कदम पर अलग-अलग राजनीतिक टिप्पणियां की हैं।
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने नीतीश कुमार के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह कदम एक तरह से राजनीति का “मर्डर” है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने नीतीश कुमार को पांच साल के लिए मुख्यमंत्री के रूप में जनादेश दिया था, लेकिन उनका राज्यसभा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब प्रधानमंत्री भी मुख्यमंत्री बनेंगे? उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा छोटी पार्टियों को नतमस्तक कर देती है, जो चिंता का विषय है।
वहीं जमशेदपुर पूर्वी से वरिष्ठ विधायक सरयू राय ने इस मुद्दे पर अलग दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं और यह पीढ़ीगत परिवर्तन की रणनीति के तहत किया गया कदम है, तो यह देखना होगा कि जनता दल (यू) का आगे क्या भविष्य होता है।
इधर कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की पहले से ही मंशा थी कि नीतीश कुमार को पद से हटाया जाए। उन्होंने कहा कि इस बात की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी।
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर के बाद बिहार के साथ-साथ झारखंड की राजनीति में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।