रंगापाड़ा/रांची: असम विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को रंगापाड़ा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक बड़ी जनसभा में झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला।
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यक्रम को विफल करने के लिए विरोधियों ने हर संभव कोशिश की, लेकिन जनता के समर्थन ने सभी साजिशों को नाकाम कर दिया। मंच पर पहुंचते ही उन्होंने पारंपरिक “जोहार” के साथ लोगों का अभिवादन किया और भावुक अंदाज में कहा कि आज की भीड़ यह साबित करती है कि हक और अधिकार की आवाज अब दबने वाली नहीं है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कई आदिवासी और वंचित समुदाय के लोग इस सभा में शामिल नहीं हो सके, क्योंकि विपक्ष ने उन्हें रोकने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए। उन्होंने कहा कि “साम, दाम, दंड और भेद” का इस्तेमाल कर लोगों को सभा से दूर रखने की कोशिश की गई, लेकिन रंगापाड़ा की जनता ने भारी संख्या में पहुंचकर इन साजिशों को बेनकाब कर दिया।
चुनावी माहौल को धार देते हुए सोरेन ने कहा कि मैदान में उमड़ा जनसैलाब और “तीर-धनुष” के प्रति लोगों का समर्थन उन लोगों के लिए करारा जवाब है, जो वंचित समाज की आवाज दबाने का सपना देख रहे हैं।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि अब समय बदल चुका है और शोषित-वंचित समाज अपने अधिकारों के लिए जाग चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले चुनाव में जनता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर अपना हक हासिल करेगी।