Mobile Header Ad
BHASKAR TIMES Logo
WhatsApp चैनल
उद्योग, पलायन और JTET पर सदन में गरमाई बहस, सरकार-विपक्ष आमने-सामने
Home, Politics

उद्योग, पलायन और JTET पर सदन में गरमाई बहस, सरकार-विपक्ष आमने-सामने

Administrator
Administrator
Author
March 10, 2026 10 views 0 likes

Content Top Ad Space

This is a sample ad for content top position

रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दसवें दिन श्रम, नियोजन एवं उद्योग विभाग की अनुदान मांगों पर सदन में विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली।

विभागीय मंत्री संजय यादव ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गुरुजी शिबू सोरेन का अलग झारखंड का सपना अब वर्तमान सरकार के कार्यकाल में साकार होता दिख रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के 25 वर्षों में आधे से अधिक समय तक भाजपा की सरकार रही, लेकिन उस दौरान विकास की गति लगभग शून्य रही। मंत्री ने दावा किया कि मौजूदा सरकार के समय में उद्योग और श्रम विभाग पूरी सक्रियता के साथ काम कर रहे हैं और कई ऐतिहासिक पहल की गई हैं।

विपक्ष द्वारा कानून-व्यवस्था और उद्योगों के पलायन के मुद्दे उठाने पर पलटवार करते हुए मंत्री ने कहा कि विपक्ष का काम केवल हंगामा करना और सरकार का ध्यान भटकाना रह गया है।

वहीं अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान विपक्षी विधायक भी आक्रामक नजर आए। लोजपा विधायक जनार्दन पासवान ने राज्य की औद्योगिक नीति और बढ़ते पलायन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि झारखंड में अब तक केवल छोटे-मोटे उद्योग ही स्थापित हो पाए हैं, जिनसे युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि रोजगार के अभाव में बड़ी संख्या में लोग काम की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। पासवान ने यह भी कहा कि जब तक राज्य में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होगा, तब तक बड़े निवेशकों को आकर्षित करना मुश्किल रहेगा। उन्होंने सरकार से उद्यमियों को बेहतर सुरक्षा देने की मांग की।

इस दौरान जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा दास साहू ने भी सदन में जोरदार तरीके से JTET (झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा) का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 के बाद से राज्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित नहीं हुई है, जिससे हजारों अभ्यर्थी बेरोजगार और परेशान हैं। उन्होंने सवाल किया कि अब तक इसकी नियमावली क्यों नहीं बनाई गई और हर बार मामला ‘विचाराधीन’ बताकर टाल दिया जाता है।

पूर्णिमा दास साहू ने सरकार से स्पष्ट तिथि घोषित करने की मांग करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ अनिश्चितता ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को राज्य के युवाओं के भविष्य की चिंता नहीं है।

सदन में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच लंबे समय तक बहस जारी रही।

Content Middle Ad Space

This is a sample ad for content middle position

Content Bottom Ad Space

This is a sample ad for content bottom position

Tags

सरकार

Share This Article

About the Author

Administrator

Administrator

Stay Updated

Get the latest news delivered to your inbox

We respect your privacy. Unsubscribe at any time.