Ranchi: झारखंड सरकार और पुलिस मुख्यालय ने उग्रवाद, आतंकवादी हिंसा और सीमा पर गोलीबारी जैसी घटनाओं से प्रभावित परिवारों के बच्चों के लिए बड़ा कदम उठाया है. अब इन बच्चों को उच्च शिक्षा और देखभाल के लिए मासिक आर्थिक सहायता दी जाएगी.
डीजीपी कार्यालय के निर्देशानुसार, पहले संचालित हो रही National Foundation for Communal Harmony (NFCH) की योजना को बंद कर दिया गया है. भारत सरकार के गृह मंत्रालय के फैसले के बाद इसके सभी लाभार्थियों को अब महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत संचालित National Children’s Fund (NCF) से जोड़ा जाएगा.
25 वर्ष या शिक्षा पूरी होने तक सहायता
नई व्यवस्था के तहत पात्र बच्चों को 25 वर्ष की आयु पूरी होने या उनकी शिक्षा समाप्त होने तक (जो भी पहले हो) आर्थिक सहायता मिलती रहेगी. शिक्षा के स्तर के अनुसार मासिक सहायता राशि निर्धारित की गई है.
किन बच्चों को मिलेगा लाभ?
योजना का लाभ उन बच्चों को मिलेगा, जो—
वामपंथी उग्रवाद या नक्सली हिंसा से प्रभावित हैं
आतंकवादी हिंसा या विद्रोह की घटनाओं में अनाथ हुए हैं
सीमा पार से गोलीबारी में परिवार के सदस्य खो चुके हैं
जिला स्तर पर होगी पहचान
पुलिस मुख्यालय ने सभी एसएसपी और एसपी को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में पात्र बच्चों की पहचान सुनिश्चित करें। उपायुक्त (डीसी) की अध्यक्षता में गठित समिति पात्रता का सत्यापन करेगी.
जिलों से प्राप्त प्रस्तावों को राज्य गृह विभाग के माध्यम से राष्ट्रीय बाल कोष को भेजा जाएगा, जहां से अंतिम स्वीकृति के बाद सहायता राशि जारी की जाएगी.
इस पहल से उग्रवाद और हिंसा प्रभावित परिवारों के बच्चों को शिक्षा और भविष्य निर्माण में मजबूती मिलने की उम्मीद है.