Bokaro: बोकारो जिले के बेरमो कोयलांचल क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इलाके के आधा दर्जन थाना क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर कोयले की तस्करी जारी है, जिससे यह आभास होने लगा है कि तस्करों के लिए यहां ‘रामराज’ जैसी स्थिति बन गई है।
जानकारी के अनुसार, सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड (CCL) की खदानों से बड़े पैमाने पर कोयले की अवैध निकासी की जा रही है। यह कोयला झारखंड से बाहर बिहार, उत्तर प्रदेश और पंजाब की मंडियों तक पहुंच रहा है। तस्करों का नेटवर्क इतना मजबूत बताया जा रहा है कि वे बिना किसी भय के इस कारोबार को अंजाम दे रहे हैं।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन विभागों पर इस अवैध गतिविधि को रोकने की जिम्मेदारी है—जैसे पुलिस, खनन विभाग और सुरक्षा एजेंसियां—वे लंबे समय तक निष्क्रिय क्यों रहीं। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि जब तक मामला मीडिया और सोशल मीडिया में नहीं उठा, तब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
हाल ही में चलकरी क्षेत्र में एक बड़े अवैध कोयला खदान का खुलासा हुआ, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और कार्रवाई की गई। हालांकि, यह कार्रवाई भी सवालों के घेरे में है कि यह नियमित निगरानी का परिणाम था या फिर दबाव में उठाया गया कदम।
बोकारो के पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में कहा है कि अवैध कोयला कारोबार को लेकर मिल रही सूचनाओं के आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और आगे भी इसमें किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
फिलहाल, क्षेत्र में यह स्पष्ट दिख रहा है कि अवैध कोयला कारोबार एक बड़े नेटवर्क के रूप में फल-फूल रहा है। ऐसे में जरूरत है कि संबंधित विभाग समन्वय के साथ सख्त कदम उठाएं, ताकि इस ‘काले हीरे’ की लूट पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।