Latehar: झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड स्थित गायत्री मंदिर मोहल्ला, सरोज नगर में उस वक्त माहौल गमगीन हो गया, जब एयर एंबुलेंस हादसे में जान गंवाने वाले संजय कुमार साहू और उनकी पत्नी अर्चना देवी का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा। शव पहुंचते ही परिजन चीत्कार मारकर रोने लगे और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
हजारों की संख्या में जुटे लोगों की आंखें नम थीं। हर कोई इस दर्दनाक हादसे को लेकर स्तब्ध नजर आया। लोगों का कहना था कि संजय कुमार साहू की तबीयत खराब थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। इस हादसे में एक साथ सात लोगों की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
एक ही अर्थी पर पति-पत्नी की अंत्येष्टि
पोस्टमार्टम के बाद दोनों का शव चंदवा लाया गया और फिर अंतिम संस्कार के लिए देवनद नदी घाट ले जाया गया। यहां एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला—पति और पत्नी की अंत्येष्टि एक ही लकड़ी की अर्थी पर की गई। यह दृश्य देख मौजूद लोग भावुक हो उठे। ग्रामीणों का कहना था कि ऐसा दृश्य बहुत कम देखने को मिलता है, जब जीवनसाथी अंतिम यात्रा भी साथ तय करें।
परिजनों का गंभीर आरोप
मृतक संजय कुमार साहू के बड़े भाई विजय कुमार साहू ने एयर एंबुलेंस कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि परिवार ने किसी तरह 8 लाख रुपये की व्यवस्था कर एयर एंबुलेंस बुक की थी।
उनका आरोप है कि एंबुलेंस भेजने में भी देरी और लापरवाही बरती गई। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर पहुंचने पर एयर एंबुलेंस की स्थिति देखकर ही लग रहा था कि वह काफी पुरानी और तकनीकी रूप से कमजोर थी।
विजय कुमार साहू ने कहा, “कंपनी की लापरवाही से ही यह बड़ा हादसा हुआ है। आज मेरा पूरा परिवार उजड़ गया। झारखंड सरकार इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए और दोषी कंपनी पर कड़ी कार्रवाई करे।”
सरकार से मुआवजे और जांच की मांग
परिजनों ने झारखंड सरकार से मांग की है कि एयर एंबुलेंस कंपनी की निष्पक्ष जांच कराई जाए और हादसे में जान गंवाने वाले सभी सात मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और सहायता दी जाए। साथ ही जिम्मेदारों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है और लोग प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।