रांची/कुल्लू: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ आदिवासी नेता चंपई सोरेन के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पोते और बाबूलाल सोरेन के बड़े पुत्र वीर सोरेन (21 वर्ष) का हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में अचानक निधन हो गया। इस खबर के बाद सोरेन परिवार, उनके पैतृक गांव और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
स्कीइंग के बाद अचानक हुई तबीयत खराब
मिली जानकारी के अनुसार, वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए कुल्लू-मनाली गए थे। मंगलवार को वे बर्फबारी का आनंद लेने निकले थे और इस दौरान उन्होंने स्कीइंग भी की। बताया जा रहा है कि दिनभर दोस्तों के साथ समय बिताने के बाद जब वे होटल लौटे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे अचेत होकर गिर पड़े।
साथियों ने बिना देर किए उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
परिजन कुल्लू के लिए रवाना
घटना की सूचना मिलते ही चंपई सोरेन और उनके पुत्र बाबूलाल सोरेन गहरे सदमे में हैं। बताया जा रहा है कि बाबूलाल सोरेन के दो पुत्रों में वीर बड़े थे। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और रिश्तेदार कुल्लू के लिए रवाना हो गए हैं।
इस दुखद घटना ने पूरे राज्य में शोक का माहौल बना दिया है और कई राजनीतिक नेताओं ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।