Ranchi: इस साल झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव होने हैं. झामुमो संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन से एक सीट खाली हुई है, जबकि बीजेपी सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है. ऐसे में झारखंड मुक्ति मोर्चा के भीतर अंजनी सोरेन को राज्यसभा भेजने की मांग तेज हो गई है.
पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि गुरुजी के निधन के बाद पहली बार सोरेन परिवार का कोई सदस्य संसद में नहीं है, इसलिए अंजनी सोरेन को मौका मिलना चाहिए. अंजनी सोरेन ओडिशा के मयूरभंज में झामुमो के संगठन को मजबूत करने में सक्रिय रही हैं और 2019 व 2024 में चुनाव भी लड़ चुकी हैं. झामुमो के वरिष्ठ नेता पवन जेडिया और रांची जिला अध्यक्ष मुश्ताक आलम ने भी अंजनी सोरेन के नाम का समर्थन किया है. पार्टी प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि वह राज्यसभा के लिए योग्य हैं, लेकिन अंतिम फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेना है. विधानसभा में इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायक हैं, ऐसे में गठबंधन के लिए दोनों राज्यसभा सीटें जीतना आसान माना जा रहा है.