Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट से पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक कमलेश कुमार सिंह की पत्नी मधु सिंह को बड़ी राहत मिली है. अदालत ने जमानत की शर्तों में आंशिक संशोधन करते हुए उन्हें इलाज के लिए अमेरिका या यूनाइटेड किंगडम (यूके) जाने की अनुमति दे दी है. कोर्ट ने कहा कि विदेश यात्रा का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार का हिस्सा है. जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की एकल पीठ ने 13 मई 2014 को पारित उस आदेश में संशोधन किया, जिसके तहत याचिकाकर्ता को अपना पासपोर्ट जमा करने और विदेश यात्रा से रोका गया था. मधु सिंह आय से अधिक संपत्ति के मामले में अभियुक्त हैं और उन्हें पहले ही नियमित जमानत मिल चुकी है. हालांकि, उन्होंने केवल उसी शर्त को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें विदेश जाने से रोका गया था और पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया था. कोर्ट को बताया गया कि करीब 58 वर्षीय मधु सिंह गंभीर और जानलेवा लिवर रोग से पीड़ित हैं. 25 जून 2025 को दिल्ली के प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बायलरी साइंसेज (ILBS) में कराई गई लिवर बायोप्सी में उन्हें लेननेक सिरोसिस सबस्टेज-4B पाया गया, जो क्रॉनिक लिवर डिजीज का उन्नत और चिकित्सकीय रूप से प्री-कैंसरस चरण माना जाता है. उनके करीबी रिश्तेदार अमेरिका और यूके में रहते हैं, जहां बेहतर इलाज की सुविधाएं उपलब्ध हैं.
याचिकाकर्ता की ओर से यह भी दलील दी गई कि वे वर्ष 2014 से लगातार ट्रायल में सहयोग कर रही हैं और जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है. वहीं, सीबीआई ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि मामला गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़ा है और विदेश यात्रा पर रोक की शर्त पहले ही जमानत देते समय लगाई गई थी. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि वर्ष 2014 से याचिकाकर्ता का पासपोर्ट अदालत के पास जमा है और उनके खिलाफ न तो ट्रायल में सहयोग न करने का कोई आरोप है और न ही गवाहों को प्रभावित करने का. ऐसे में विदेश यात्रा उनके मौलिक अधिकार के अंतर्गत आती है.
हाईकोर्ट के निर्देश:
अदालत ने याचिकाकर्ता का पासपोर्ट वापस करने का आदेश दिया है. साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि प्रत्येक विदेश यात्रा से पहले उन्हें संबंधित अदालत से पूर्व अनुमति लेनी होगी। यात्रा की अवधि और भारत लौटने की तिथि बताते हुए लिखित अंडरटेकिंग देनी होगी और विदेश से लौटने के बाद अदालत को इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा.