Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 11वें दिन डीजे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। इस मुद्दे पर विपक्षी विधायक वेल में उतर गए और नारेबाजी भी की, जिससे सदन का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया।
भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने आरोप लगाया कि रामनवमी जैसे हिंदू पर्व के समय डीजे बजाने पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है और केवल हिंदुओं को ही निशाना बनाया जाता है। उन्होंने हजारीबाग में पुलिस प्रशासन द्वारा दी जा रही चेतावनियों का भी जिक्र करते हुए सरकार से इस पर स्पष्टीकरण मांगा।
इस पर सत्ता पक्ष की ओर से विधायक प्रदीप यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि झारखंड किसी के “बाबूजी की जागीर” नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा हर त्योहार के मौके पर राजनीति करती है और माहौल को तनावपूर्ण बनाने की कोशिश करती है।
संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में स्पष्ट किया कि डीजे बजाने के समय को लेकर जो नियम हैं, उनका किसी धर्म से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने पर प्रतिबंध है और इसी नियम का पालन कराया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि आज हिंदू नहीं बल्कि पूरा हिंदुस्तान कई चुनौतियों का सामना कर रहा है।
इसी दौरान ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने अबुआ आवास योजना पर जानकारी देते हुए कहा कि योजना के तहत आवासों की संख्या चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई जाएगी। इस वर्ष बजट में इसके लिए 4400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और राज्य में करीब 20 लाख आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से पीएम आवास योजना के लिए पिछले तीन वर्षों से कोई आवंटन नहीं मिला था। साथ ही, लाभुकों के सत्यापन के लिए 1.91 लाख लोगों का रैंडम सर्वे कराया गया है, जबकि संताल परगना में 2.65 लाख लोगों का सत्यापन किया गया है।
मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि पीडब्ल्यूडी कोड में संशोधन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इसकी समीक्षा की जाएगी और लंबित टेंडर की प्रक्रिया अगले 20 दिनों के भीतर पूरी करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं विधायक हेमलाल मुर्मू ने टेंडर में देरी से राज्य को आर्थिक नुकसान होने की बात कही।