रांची: विधानसभा के बजट सत्र के 11वें दिन रेलवे परियोजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस दौरान विधायक कल्पना सोरेन ने राज्य में रेलवे से जुड़ी योजनाओं में वित्तीय हिस्सेदारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण में रेलवे और राज्य सरकार की हिस्सेदारी लगभग 50-50 प्रतिशत होती है, लेकिन झारखंड में राज्य सरकार को करीब 60 प्रतिशत खर्च वहन करना पड़ रहा है।
इस पर जवाब देते हुए मंत्री सुदिव्य सोनू ने बताया कि आरओबी निर्माण में केवल पुल का ही खर्च नहीं होता, बल्कि यूटिलिटी शिफ्टिंग और एप्रोच रोड बनाने का खर्च भी राज्य सरकार को ही उठाना पड़ता है। इन मदों के लिए रेल मंत्रालय से अलग से कोई राशि नहीं मिलती, जिसकी वजह से राज्य का कुल खर्च बढ़कर करीब 60 प्रतिशत हो जाता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में रेल मंत्रालय को पत्र लिखकर उचित समाधान की मांग की जाएगी।
मंत्री ने सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि व्यस्त रेलवे फाटकों पर ट्रैफिक के अनुसार आरओबी और अंडरब्रिज का निर्माण कराया जाना चाहिए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। इस विषय पर भी केंद्र सरकार से आग्रह किया जाएगा।
सुदिव्य सोनू ने यह भी कहा कि झारखंड रेलवे को भारी मात्रा में राजस्व देता है। ऐसे में केंद्र सरकार से अनुरोध किया जाएगा कि रेलवे से मिलने वाले राजस्व का उचित हिस्सा झारखंड के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य को भी दिया जाए।