Ranchi: 12 फरवरी 2026 को ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों द्वारा केंद्र सरकार की कथित मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ बुलाए गए देशव्यापी भारत बंद और राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में राजधानी रांची में भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला.
इसी कड़ी में भारतीय पथ विक्रेता संघ ने आज रांची के मेन रोड स्थित किराया लाल चौक पर सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए इलाके में यातायात प्रभावित रहा.
किसान, मजदूर और पथ विक्रेताओं की हो रही उपेक्षा का आरोप
प्रदर्शन कर रहे पथ विक्रेताओं ने कहा कि देश के किसान, मजदूर और फुटपाथ दुकानदार लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2014 में स्ट्रीट वेंडर्स कानून लागू हुआ था और 2017 में झारखंड सरकार की योजना भी तैयार की गई थी.
इस योजना के तहत सभी पथ विक्रेताओं का सर्वे कर उन्हें सर्टिफिकेट ऑफ वेंडिंग दिया जाना था और टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) का गठन कर उचित पुनर्व्यवस्था की जानी थी। लेकिन 9 साल बीत जाने के बाद भी न तो नियमित सर्वे हुआ और न ही सभी को प्रमाणपत्र मिल पाया है.
कानून लागू करने के बजाय बुलडोजर कार्रवाई का आरोप
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कानून को सही तरीके से लागू करने के बजाय फुटपाथ दुकानदारों पर बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है, जिससे उनका रोज़गार छीना जा रहा है और वे बेघर होने को मजबूर हैं.
चार नए लेबर कोड का भी विरोध
प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में प्रस्तावित चार नए लेबर कोड का भी विरोध किया. उनका कहना है कि इन कानूनों के जरिए मजदूरों पर 8 घंटे की जगह 12 घंटे की ड्यूटी का दबाव बनाया जा रहा है और नियोक्ताओं को ज्यादा सुविधाएं दी जा रही हैं, जबकि कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी हो रही है.
कानूनी अधिकार देने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि किसान, मजदूर और पथ विक्रेताओं को उनके कानूनी अधिकार दिए जाएं और जो भी कथित गैरकानूनी कार्रवाइयां हो रही हैं, उन्हें तुरंत बंद किया जाए.