Ranchi: झारखंड में रिम्स (राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस) की जमीन पर अतिक्रमण से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के कई अधिकारियों के खिलाफ जांच आगे बढ़ाने के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग से आधिकारिक अनुमति मिल गई है।
यह मामला रिम्स की जमीन की अवैध खरीद-बिक्री और अतिक्रमण से जुड़ा है। एसीबी ने पहले ही सात अप्रैल को कार्रवाई करते हुए ब्रोकर और बिल्डर समेत चार लोगों—कार्तिक बढाईक, राज किशोर बढाईक, चेतन कुमार और राजेश कुमार झा—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच में पाया गया कि जमीन की खरीद-बिक्री में गंभीर अनियमितताएं हुई थीं।
एसीबी ने इस मामले में पहले कई अधिकारियों से पूछताछ भी की थी, जिनमें एलआरडीसी, सीओ और सीआई शामिल हैं। इस मामले की सुनवाई 20 अप्रैल को झारखंड हाई कोर्ट में निर्धारित है।
हाई कोर्ट के निर्देश पर एसीबी ने पांच जनवरी को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। एफआईआर में रिम्स प्रबंधन, रांची नगर निगम, राजस्व और निबंधन कार्यालय, रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा), आरआरडीए के अधिकारियों-कर्मियों सहित कई अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
फिलहाल एसीबी जमीन का निबंधन और म्यूटेशन करने वाले अधिकारियों, निर्माण कराने वाले बिल्डरों और जमीन माफियाओं की भूमिका की जांच कर रही है। जांच में आय से अधिक संपत्ति के मामलों को भी शामिल किया जाएगा।
गौरतलब है कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद रिम्स की जमीन पर बने चार मंजिला अवैध निर्माण को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया था। संबंधित मकानों के दाखिल-खारिज रद्द कर दिए गए हैं, जबकि कई लोगों ने बैंक ऋण लेकर इन संपत्तियों का निर्माण कराया था।