रांची/दिल्ली: टेंडर घोटाले के जरिए करोड़ों रुपये की कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट को अहम जानकारी दी है। एजेंसी ने बताया कि वह इस केस में चार महत्वपूर्ण गवाहों को रांची स्थित PMLA की विशेष अदालत में पेश करेगी।
आलमगीर आलम की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान ED ने कोर्ट को सूचित किया कि जिन गवाहों को पेश किया जाएगा, उनमें मुन्ना कुमार उर्फ मुन्ना सिंह, संतोष कुमार उर्फ रिंकू, प्रॉपर्टी विक्रेता स्वर्णजीत सिंह और बिंदेश्वर राम शामिल हैं।
कोर्ट ने इन गवाहों के बयान दर्ज कराने के लिए अभियोजन पक्ष को चार सप्ताह का समय दिया है। साथ ही, जमानत याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 11 मई की तारीख तय की गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले झारखंड हाई कोर्ट ने आलमगीर आलम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब उनके आप्त सचिव संजीव कुमार लाल और नौकर जहांगीर आलम के ठिकानों से 32.30 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे। बरामदगी के बाद ही आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया गया था।