Ranchi: झारखंड में पुलिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. राज्य के सभी 606 थानों को हाईटेक बनाने की तैयारी है. इसके तहत JAP-IT ने 8,854 CCTV कैमरे लगाने के लिए टेंडर जारी कर दिया है. करीब 134 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी योजना से अब थानों का हर कोना ‘तीसरी आंख’ की निगरानी में रहेगा.
टेंडर प्रक्रिया और अहम तिथियां
परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए JAP-IT ने कार्यसूची जारी कर दी है. 17 फरवरी को प्री-बिड मीटिंग आयोजित होगी, जिसमें इच्छुक कंपनियों के साथ तकनीकी और अन्य पहलुओं पर चर्चा की जाएगी. इसके बाद 6 मार्च को टेक्निकल बिड खोली जाएगी. चयनित एजेंसी को कार्यादेश मिलने के बाद कैमरों की स्थापना के साथ-साथ तीन वर्षों तक उनके रखरखाव (मेंटेनेंस) की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी.
18 महीने तक सुरक्षित रहेगा ऑडियो-वीडियो डेटा
इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि CCTV कैमरों की वीडियो फुटेज और ऑडियो रिकॉर्डिंग 18 महीने तक सुरक्षित रखी जाएगी. यह पूरी व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगी. कैमरे लो-लाइट में भी स्पष्ट रिकॉर्डिंग करने में सक्षम होंगे. थानों में होने वाली बातचीत भी रिकॉर्ड होगी, ताकि किसी भी विवाद, शिकायत या जांच के दौरान सटीक तथ्य उपलब्ध कराए जा सकें.
थानों के इन हिस्सों में लगेंगे कैमरे
प्रवेश और निकास द्वार
सभी लॉकअप और कॉरिडोर
रिसेप्शन एरिया और स्टेशन हॉल
इंस्पेक्टर व सब-इंस्पेक्टर चैंबर
ड्यूटी ऑफिसर रूम
वाशरूम के बाहरी हिस्से
थाना परिसर का पिछला भाग
पूरे परिसर की निगरानी के लिए डोम और बुलेट दोनों तरह के कैमरे लगाए जाएंगे
दो तरह के 2 मेगापिक्सल कैमरे होंगे इंस्टॉल
इस योजना के तहत कुल 8,854 कैमरे लगाए जाएंगे, जिनमें—
4,899 डोम कैमरे (अंदरूनी हिस्सों के लिए)
3,955 बुलेट कैमरे (बाहरी निगरानी और लंबी दूरी के लिए)
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का होगा पालन
यह पूरी पहल सुप्रीम कोर्ट के ‘परमवीर सिंह सैनी बनाम बलजीत सिंह’ मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले के अनुपालन में की जा रही है. अदालत ने थानों में मानवाधिकारों की सुरक्षा और हिरासत में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए CCTV कैमरे अनिवार्य करने का निर्देश दिया था. झारखंड हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब राज्य सरकार इस योजना को जमीन पर उतारने जा रही है.