Deoghar: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर झारखंड की धार्मिक नगरी देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. आधी रात से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं. मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंजता रहा.
आधी रात से लगी कतार, 11 घंटे तक इंतजार
मंदिर प्रशासन के अनुसार, रात 12 बजे से ही भक्त लाइन में खड़े होने लगे थे. सुबह 4 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए पट खोले गए, जिसके बाद दर्शन-पूजन का क्रम लगातार जारी रहा. भीड़ इतनी अधिक रही कि कई भक्तों को करीब 11 घंटे तक इंतजार करना पड़ा. हालांकि बाबा के दर्शन के बाद भक्तों के चेहरों पर संतोष और भक्ति की चमक साफ नजर आई। रात 9 बजे तक आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था की गई है.
भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
देशभर से उमड़े शिवभक्त
बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से श्रद्धालु देवघर पहुंचे. पटना से आए एक श्रद्धालु ने बताया कि वे हर वर्ष महाशिवरात्रि पर बाबा के दर्शन करने आते हैं और इस दिन स्पर्श पूजन का विशेष महत्व होता है. एक अन्य भक्त ने कहा कि घंटों की प्रतीक्षा के बाद बाबा के दर्शन से सारी थकान दूर हो गई और उन्हें आध्यात्मिक शांति की अनुभूति हुई.
चार प्रहर की पूजा और शिव-विवाह उत्सव
महाशिवरात्रि पर रात 10 बजे से चार प्रहर की विशेष पूजा आरंभ होगी, जो तड़के 3 बजे तक चलेगी. षोडशोपचार विधि से भगवान शिव का अभिषेक किया जाएगा. दूध, दही, घी, फल, मेवा, गंगाजल, बेलपत्र, भांग और चंदन अर्पित किए जाएंगे. इसके बाद पारंपरिक शिव-विवाह उत्सव का आयोजन होगा.
विशेष अनुष्ठान में सरदार पंडा गुलाबनंद ओझा विधिवत पूजा संपन्न कराएंगे। बाबा का भव्य श्रृंगार किया जाएगा और माता पार्वती को साड़ी, सिंदूर, बिंदी व चूड़ियां अर्पित की जाएंगी.
मोर मुकुट चढ़ाने की परंपरा
महाशिवरात्रि पर बाबा के पंचशूल पर मोर मुकुट अर्पित करने की परंपरा भी निभाई जाती है. मान्यता है कि अविवाहित श्रद्धालु यदि मोर मुकुट चढ़ाते हैं तो उनकी विवाह संबंधी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इस विशेष अनुष्ठान में भी बड़ी संख्या में भक्त शामिल हो रहे हैं.
महाशिवरात्रि के अवसर पर देवघर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है और आस्था का यह संगम देर रात तक जारी रहने की उम्मीद.