राजधानी रांची स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के द्वारा संवाददाता सम्मेलन कर केंद्र सरकार के द्वारा मनरेगा का संशोधित बिल लाने के मूल उद्देश्य और तथ्यात्मक विषय बिंदुओं को रखा. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार से कांग्रेस की सरकार वर्तमान समय में संशोधित मनरेगा बिल के नाम को बदलकर जी राम जी लाया है यह मूल रूप से गांधी जी के आदर्श भगवान राम के नाम को दर्शाता है कांग्रेस इस बिल को लेकर जिस प्रकार से लगातार सड़कों पर उछल कूद करती नजर आ रही है यह पूरी तरह से इस बात को प्रदर्शित करता है कि कांग्रेस को राम के नाम से कितना परहेज है. 2005 से लेकर 2025 तक जिस प्रकार से मनरेगा में जमीनी स्तर पर जो भी खामियां रही है उसे मनरेगा के संशोधित बिल जी राम जी के जरिए दूर करने का प्रयास किया गया है. मनरेगा घोटाले में एक सीनियर आईपीएस का भी नाम आया है और उन्हें जेल में भी रहना पड़ा था मनरेगा एक प्रकार से सीनियर अफसर के लिए चारागाह का जरिया बन गया था. झारखंड जैसे ग्रामीण प्रधान राज्य में यह चर्चा का विषय था कि मनरेगा में 40% कमीशन खोरी चलता है और इस बात का आकलन जमीनी तौर पर जाकर किया जा सकता है. और इसी सभी विषयों और भ्रष्टाचार को लेकर भारत सरकार के द्वारा यह संशोधित कानून बनाया गया. यह कानून पूरी तरह से पारदर्शी हो इसके लिए इसे डिजिटाइजेशन भी की जाएगी.