राज्यपाल से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में राजद नेता रंजन कुमार यादव ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के लिए किराया भाड़ा माफ किया जाए, क्योंकि दूर-दराज़ के इलाकों से आने वाले छात्रों पर इसका बड़ा आर्थिक बोझ पड़ता है।दूसरी मांग छात्रवृत्ति से जुड़ी है। कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति बहुत बड़ा सहारा होती है, लेकिन इसमें लगातार देरी हो रही है, जिससे छात्रों को पढ़ाई छोड़ने तक की नौबत आ रही है।तीसरी मांग कॉलेजों में ली जा रही अतिरिक्त फीस को लेकर है। वाई-फाई के नाम पर, स्पोर्ट्स के नाम पर ऐसी फीस वसूली जा रही है, जिनका कई छात्रों को कोई लाभ नहीं मिलता। जो छात्र खेल से नहीं जुड़े हैं, उनसे स्पोर्ट्स फीस क्यों ली जाए? जो छात्र अपना मोबाइल और खुद का इंटरनेट इस्तेमाल कर रहे हैं, उनसे वाई-फाई शुल्क क्यों लिया जाए?चौथा मुद्दा डीएसपी सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों में बढ़ाई गई फीस का है। हाल के दिनों में छात्रों ने इसके खिलाफ आंदोलन भी किया है। इतनी अधिक फीस वृद्धि गरीब और कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए बेहद कष्टदायक है।पाँचवीं अहम मांग सेना भर्ती को लेकर है। पहले हर जिला मुख्यालय में भर्ती कैंप लगाए जाते थे, जिससे युवाओं को आने-जाने और रहने में सुविधा होती थी। अब पूरे राज्य के युवाओं को राजधानी बुलाया जा रहा है, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई युवा सड़कों पर सोने को मजबूर हो जाते हैं, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।