हजारीबाग: फाल्गुन पूर्णिमा के पावन अवसर पर 3 मार्च 2026 की रात करीब 1 बजे हजारीबाग जिले में श्रद्धा और परंपरा के साथ होलिका दहन संपन्न हुआ। विभिन्न चौक-चौराहों और गली-मोहल्लों में लोगों ने एकत्र होकर विधि-विधान से होलिका की पूजा-अर्चना की और अग्नि प्रज्वलित की।
होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति और उनकी विजय की कथा से जुड़ा है, जहां अहंकार और अधर्म का अंत हुआ। फाल्गुन पूर्णिमा की संध्या पर मनाया जाने वाला यह अनुष्ठान सनातन परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे लोग युगों-युगों से निभाते आ रहे हैं।
परंपरा के अनुसार, श्रद्धालु पहले से लकड़ियां और उपले इकट्ठा करते हैं। शुभ मुहूर्त में होलिका दहन के बाद लोग अग्नि की परिक्रमा करते हैं और नई फसल का कुछ अंश अग्नि में अर्पित कर समृद्धि व सुख-शांति की कामना करते हैं।
हजारीबाग में इस दौरान उत्साह का माहौल देखने को मिला। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर पर्व को सामूहिकता और भाईचारे के साथ मनाया। होलिका दहन के साथ ही अब रंगों के पर्व होली की तैयारी शुरू हो गई है, जिसे लेकर लोगों में खासा उत्साह है।