Gumla: झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत झारखंड एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। करीब एक महीने से फरार चल रहे चैनपुर थाना के पूर्व प्रभारी सब-इंस्पेक्टर अशोक कुमार को शनिवार को गुमला से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी से बचते रहे, आखिरकार चढ़े हत्थे
सूत्रों के मुताबिक, दरोगा अशोक कुमार गिरफ्तारी की आशंका के बाद से लगातार ठिकाने बदल रहे थे। एसीबी टीम उनके संभावित ठिकानों पर नजर रखे हुए थी। गुप्त सूचना मिलने के बाद गुमला में छापेमारी की गई, जहां से उन्हें दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रांची स्थित एसीबी मुख्यालय लाया गया। पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
30 हजार की रिश्वत से खुला था मामला
करीब एक महीने पहले एसीबी ने 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए चैनपुर थाना के तत्कालीन प्रभारी शैलेश कुमार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। बताया गया था कि उन्होंने महज तीन दिन पहले ही थाने का प्रभार संभाला था।
जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि रिश्वतखोरी के इस पूरे प्रकरण में अशोक कुमार की भी अहम भूमिका थी। साक्ष्यों के आधार पर एसीबी ने उन्हें सह-आरोपी बनाया था, जिसके बाद से वे फरार चल रहे थे।
आगे की कार्रवाई
एसीबी अब पूरे मामले में अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच कर रही है। सूत्रों का कहना है कि यदि और साक्ष्य सामने आते हैं तो इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती का संकेत मानी जा रही हैं।