Hazaribagh: हजारीबाग में ट्रेजरी से करोड़ों रुपये की फर्जी निकासी का बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में 15 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध निकासी की पुष्टि हुई है।
डीसी के निर्देश पर लोहसिंघना थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है और गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। साथ ही, इस पूरे मामले में जुड़े 21 संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, झारखंड सरकार के वित्त विभाग के कोषागार एवं संस्थागत वित्त निदेशालय द्वारा किए गए डेटा विश्लेषण में पिछले आठ वर्षों के दौरान जिला कोषागार से दो बैंक खातों में कुल 15.41 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ। इसके बाद जिला प्रशासन ने तत्काल जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया।
जांच में सामने आया कि अस्थायी पे-आईडी बनाकर सरकारी राशि की अवैध निकासी की गई और उसे अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। मामले में पुलिस विभाग के लेखा शाखा में कार्यरत सिपाही शंभु कुमार, रजनीश सिंह और धीरेन्द्र सिंह की संलिप्तता पाई गई है। पूछताछ के दौरान तीनों ने अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है।
प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 21 खातों को फ्रीज कराया, जिनमें करीब 1.60 करोड़ रुपये सुरक्षित कर लिए गए हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है।