रांची: भाकपा माओवादी के वरिष्ठ नेता प्रद्युमन शर्मा के पुत्र तरुण कुमार की क्रिमिनल मिसलेनियस पिटीशन (क्वैशिंग याचिका) पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय और जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए गवाहों के पुनरीक्षण का निर्देश दिया है। अदालत ने इस प्रक्रिया के लिए एक सप्ताह का समय दिया है और मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह तय की गई है।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 25 जुलाई 2022 को तरुण कुमार को बिहार के जहानाबाद जिले के रुस्तमपुर गांव से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने उसे रिमांड पर लेकर उसके पिता प्रद्युमन शर्मा के साथ आमने-सामने बैठाकर पूछताछ भी की थी।
बताया जाता है कि भाकपा माओवादी के वरिष्ठ नेता प्रद्युमन शर्मा कई वर्षों से हजारीबाग जेल में बंद हैं।
NIA की जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि तरुण कुमार मगध जोन में माओवादी संगठन को मजबूत करने के लिए फंड जुटाने का काम करता था। साथ ही वह संगठन के पुराने कैडरों को जोड़कर उन्हें माओवादी गतिविधियों के लिए प्रेरित करने में भी सक्रिय था।